मेरे प्रिय मित्रों,
अक्सर मैं कहता हूँ कि राजपूत ही राजा होते हैं। कई बार कुछ हमारे राजपूत मित्र हमारे शब्दों को मज़ाक समझ लेते हैं, लेकिन मेरा आशय केवल और केवल सम्मान से है।
देखिए…
#माननीय #अनंत नारायण सिंह जी, रामनगर (वाराणसी) के राजाओं में से एक महान नाम—वे भी तो राजपूत ही हैं।
जब जन्म से ही राजापुर की मिट्टी से जुड़े हो, तो गर्व करना सीखो मेरे राजपूत मित्रों।
वैसे हमारे कुछ राजपूत मित्र भी ऐसे हैं जो फिल्म इंडस्ट्री में जाकर अपनी औकात भूल गए हैं और अपनी संस्कार भी भूल गए हैं। 🥰 हम क्या कहना चाहते हैं आप समझते होंगे।
राजा सिर्फ सिंहासन से नहीं बनता, बल्कि उसकी सोच और उसके कर्म ही उसे महान राजा बनाते हैं।
जैसा कहा भी गया है—
👉 “सोच ही राजा बनाती है, और सोच ही रंक बना देती है।”
👉 “छोटी सोच और पैर की मोच… इंसान को कभी आगे बढ़ने नहीं देती।”
इसलिए मेरे राजपूत साथियों,
आप खुद को हमेशा गर्व से याद कीजिए… और अपने पूर्वज के संस्कारों पर चलिए।
और जो पूर्वज सीखा कर गए हैं, सम्मान करने के लिए इस तरह सम्मान कीजिए और सम्मान पाने की कोशिश कीजिए क्योंकि जीवन में कुछ नहीं है।
कहते हैं ...