सीताराम चरण रति मोरे।
अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरे॥
सरल अर्थ
“हे प्रभु श्री सीताराम! आपके पवित्र चरणों में मेरी भक्ति और प्रेम सदैव बना रहे। आपकी कृपा से यह प्रेम और श्रद्धा दिन-प्रतिदिन बढ़ती रहे।”
भावार्थ
यह चौपाई एक भक्त की विनम्र प्रार्थना है। इसमें भक्त भगवान से धन, यश या सुख नहीं माँगता, बल्कि केवल यही प्रार्थना करता है कि उसका मन सदैव श्री सीता-राम के चरणों में प्रेम, श्रद्धा और समर्पण से जुड़ा रहे। यही सच्ची भक्ति और जीवन का परम सौभाग्य माना गया है।
#ram
#like
#igreach
#sitaram
#sanatandharma