facebook pixel
अजब है ना ये देश भक्ती भी, जो बस तारीखों पर और, राजनितीपर ही जागती है... गाँवो की गलीयोंमें और शहरों के अँधेरी सडकोंपर आज भी आजादी खूद आजादी की भीख माँगती है... "भारत माता की जय" बस ईसी में, देशभक्ति सिमट कर रह गयी... अब तक हम ना समझ पाए शहीदों की शहादत जो कह गयी... आजादी को ही शायद हमने आज भी आजाद होने ना दिया.. आजादी मनाते थोडा सोचना होगा, हमने क्या खोया और क्या पाया? हमने क्या खोया और क्या पाया? © निशब्द | Nishabd #trendingreels #independenceday #iloveindia #poem #poetsofinstagram

 180

 4

 2

 180

    Suggested Credits
    Tags, Events, and Projects